19 अप्रैल से लोकसभा चुनाव की शुरुआत
4 जून को मतगणना होगी
चुनाव आयोग ने आज प्रेस कांफ्रेंस कर लोकसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा कर दी। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने बताया कि पूरे देश की 543 सीटों के लिये सात चरणों में चुनाव कराए जाएंगे। पहला चरण 19 अप्रैल को होगा। इसके बाद 26 अप्रैल, 7 मई, 13 मई, 20 मई, 25 मई और 1 जून को वोट डाले जाएंगे। मतगणना 4 जून को होगी। इसके साथ ही पूरे देश में चुनाव आचार संहिता लागू हो गयी है। पिछले लोकसभा चुनाव 2019 में भी सात चरणों में कराए गए थे।
इस बार चुनाव में 98.8 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इनमें से 1.8 करोड़ युवा पहली बार वोट डालेंगे। चुनाव के लिये 10.5 लाख मतदान केंद्र बनाये गये हैं।
चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव के साथ सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, उड़ीसा और आंध्र प्रदेश के विधानसभा चुनाव कराने का भी ऐलान किया है।
चुनाव आयोग ने देश की जनता को लोकसभा चुनाव पूरी तरह स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से कराने का भरोसा दिलाया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ने नव नियुक्त दो चुनाव आयुक्तों की मौजूदगी में आयोग की ओर से इस सिलसिले में अपनाई जा रही प्रक्रियाओं की जानकारी दी। इसमें धनबल, बाहुबल और अफ़वाह तंत्र पर रोक लगाने के प्रयास शामिल हैं। आयोग ने सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी रखने की भी बात कही।
आयोग ने तारीख़ों का ऐलान ऐसे वक़्त किया है जबकि वो चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर जनता से लेकर अदालत तक कई सवालों से जूझ रहा है। इनमें चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति संबंधी क़ानून, ईवीएम से चुनाव कराने का विरोध और इलेक्टोरल बॉन्ड को असंवैधानिक क़रार देने का सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फ़ैसला प्रमुख हैं।
चुनावी चंदे पर सुप्रीम कोर्ट की रोक और इससे जुड़ी कुछ जानकारियों के सामने आने के बाद से देश की राजनीति में इन दिनों उबाल सा आया हुआ है। विपक्षी दल केंद्र सरकार पर जाँच एजेंसियों के ज़रिये कम्पनियों से चंदे की उगाही का आरोप लगा रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि भ्रष्टाचार पर ज़ीरो टॉलरेंस का दावा करने वाली मोदी सरकार कॉर्पोरेट चंदे के मामले में आकंठ भ्रष्टाचार में डूबी हुई है। जबकि बीजेपी इसे चुनाव में काले धन के इस्तेमाल पर रोक के रूप में प्रचारित करती रही है।
वहीं कांग्रेस नेता राहुल गाँधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा का आज महाराष्ट्र में समापन हो रहा है और कल ही मुंबई के शिवाजी पार्क मैदान में इंडिया गठबंधन की एक बड़ी रैली का आयोजन किया जा रहा है। इस रैली में इंडिया गठबंधन के सभी घटक दलों के प्रमुख नेताओं के शामिल होने की संभावना है। विपक्ष इस रैली के जरिये केंद्र की मोदी सरकार के ख़िलाफ़ बड़े राजनीतिक अभियान की शुरुआत कर सकता है।
उधर बीजेपी लगातार इन चुनावों में 370 सीटों पर जीत का दावा करती आ रही है। एनडीए गठबंधन के लिए 400 पार का चुनावी नारा दे रही बीजेपी विभिन्न राज्यों के छोटे बड़े राजनीतिक दलों और संगठनों से चुनावी तालमेल में जुटी है।
माना जा रहा है कि विपक्ष बार चुनाव में लोकतंत्र और संविधान की रक्षा, सामाजिक न्याय, बेरोज़गारी, भ्रष्टाचार, महँगाई, महिला सुरक्षा, साम्प्रदायिक सद्भाव और भाईचारे को प्रमुख मुद्दा बनाएगा। जबकि एनडीए को हिन्दुत्व समेत दस सालों के अपने कार्यकाल की उपलब्धियों, आने वाले अच्छे दिनों की मोदी की गारंटी, विपक्षी नेताओं पर जाँच एजेंसियों की कार्रवाई, जातीय समीकरण साधने और अपार धन बल के दम पर मतदाताओं को खींचने का भरोसा है।