Sunday, March 8, 2026
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चंडीगढ़ में लोकतंत्र की ‘हत्या’

5 फ़रवरी 2024. सुप्रीम कोर्ट ने चंडीगढ़ मेयर चुनाव को लेकर आम आदमी पार्टी की याचिका पर सुनवाई करते हुए तल्ख टिप्पणी की है। कोर्ट ने सोमवार को कहा कि चुनाव में रिटर्निंग ऑफिसर ने मतपत्रों को विकृत किया जो लोकतंत्र की हत्या की तरह है, जिससे हम भयभीत हैं। कोर्ट ने कहा कि इस अपराध के लिये रिटर्निंग अधिकारी पर मुकदमा चलाने की जरूरत है। सुप्रीम कोर्ट ने कथित तौर पर मतपत्रों को विकृत करने का वीडियो देख कर कहा कि वह चुनाव अधिकारी के व्यवहार से हैरान है।

शीर्ष अदालत ने चंडीगढ़ के अधिकारियों को नोटिस जारी कर मेयर चुनाव से जुड़े मूल अभिलेखों, मतपत्रों और कार्यवाही के वीडियो को सुरक्षित रखने का आदेश दिया है। साथ ही मामले में संबंधित अधिकारी अनिल मसीह को अपने आचरण के बारे में स्पष्टीकरण देने के लिए 19 फरवरी को शीर्ष अदालत में तलब किया है। भारत के मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की तीन सदस्यीय खंडपीठ पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली आम आदमी पार्टी के पार्षद कुलदीप कुमार की याचिका पर सुनवाई कर रही थी।

बीजेपी ने 30 जनवरी को चंडीगढ़ मेयर चुनाव में कांग्रेस-आप गठजोड़ के खिलाफ जीत हासिल की थी। महापौर पद के लिए हुए चुनाव में बीजेपी के मनोज सोनकर ने आप के कुलदीप कुमार को हराया था। सोनकर को 16 जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी को 20 वोट मिले थे जिनमें से आठ वोट को रिटर्निंग अधिकारी ने अवैध घोषित कर दिया गया था। इसके बाद आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने अदालत का रुख़ किया था। पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट से राहत ना मिलने पर वो सुप्रीम कोर्ट पहुँचे थे।

चुनाव के दिन का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था जिसमें देखा जा सकता है कि पीठासीन अधिकारी अनिल मसीह मतपत्रों पर हस्ताक्षर करते या कुछ लिखते हुए दिख रहे हैं। विपक्षी दलों का आरोप है कि पीठासीन अधिकारी ने ही उन मतपत्रों पर निशान बनाए, जिन्हें बाद में आमान्य क़रार दिया गया। सीजेआई डी वाई चंद्रचूड़ ने वीडियो देखने के बाद कहा, ”ये साफ़ है कि मतपत्रों के साथ छेड़छाड़ हुई है। क्या इस तरह से चुनाव करवाए जाते हैं? इस आदमी पर मुक़दमा चलना चाहिए। ये कैमरे की ओर क्यों देख रहे हैं और फिर किसी भगोड़े की तरह भाग क्यों रहे हैं?”

चंद्रचूड़ ने कहा, ”पीठासीन अधिकारी मतपत्र में बदलाव करते दिखे हैं। क्या ये एक रिटर्निंग ऑफिसर का बर्ताव होना चाहिए? वो कैमरे की ओर देखते हैं और मतपत्रों के साथ छेड़छाड़ करते हैं। जिस मतपत्र के नीचे क्रॉस का निशान बना हुआ है, उसे ये ट्रे में रख देते हैं. जिस मतपत्र के ऊपर क्रॉस बना हुआ है, उसे ये बिगाड़ देते हैं और फिर कैमरे की ओर देखते हैं। इन्हें बताइए कि सुप्रीम कोर्ट इन्हें देख रहा है। हम लोकतंत्र की ऐसे हत्या नहीं होने देंगे। देश में स्थिरता लाने की सबसे अहम शक्ति चुनाव प्रक्रिया की शुचिता है।”

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